आवश्यकता है...

जरूरत है एक कवि की
जिसके पास लच्छेदार भाषा हो
जो हर चीज को निहायत जरूरी बताता हो
राह भरमाने में माहिर हो
जिसके बारे में कम से कम जाहिर हो
आकार ऐसा कि ना गद्दी में ना सीप में आता हो
छुप कर रहता हो 
मगर आपकी आंखों को दागता हो
मुसीबत हो या झंझावात
या हो भावनाओं का चक्रवात
रूपिया कमाना हो या फिर पखाना हो
लिखने को मरण तुल्य बताता हो 
लेकिन डिमांड पर कविताएं लिखता हो 
पुन: उसे हाट पर मौजे की तरह दस का दो बेचता हो


आप उसे कुछ भी दिखा दें
देयर्स अ लिटिल बिट ऑफ सेल इन एवरीबडीज़ लाईफ की तर्ज पर 
कविता की पुर्नस्थापना करता हो


जो हवा में मुठ्ठियां भांज दे 
तो वे शब्द आपके दांतों को मांज दे
जन आंदोलन हो या टूथपेस्ट 
उपयुक्त शब्दों से कविता में उसका विज्ञापन कर उसे अर्जेंट बता दे


तर्क हो कुतर्क हो 
अपने लिए सर्तक हो 
दलदल में मुस्कुराता उतरे
डुबकी मार मछली खाए
एकादशी के बाप भी न जाने

महिला हो तो करूण कातर मुखड़ा हो 
जिसकी हर शब्द में पिछली सदी से हो रहा अत्याचार टपके
ऐसा सुनाते हुए अपने शैम्पू किए हुए बाल झटके
पुरूष हो तो फ्रस्ट्रेटेड कवि सा यौनजनित कुंठा हो 
मादा काया देखते ही कनखी से आम आदमी बदले
और स्तनों की गोलाई का अंदाजे से नाप ले

अच्छा खासा नेटवर्क हो 
नर हो या मादा हो मगर जरूरी ये कि
सफेद ब्लाउज सी पहनी हुई विनम्रता हो
जिसके नीचे कसे काले रंग के अंर्तवस्त्र से अहंकार झांकता हो 
सच, ईमानदारी, नैतिकता और प्रेम की झाझ बजाता हो
यदि समकालीन साथी पुरस्कृत हो
हमबिस्तर होने का आक्षेप लगाता हो

कर्मक्षेत्र को शतरंज की बिसात मान
सामने वाले की घोड़े की चाल देख अपनी दुलत्ती लगाता हो

इन शर्तों पर तो मैं खुद को ही खड़ा पाता हूं।
आपमें यह सब नकारते हुए करने की क्षमता होगी
जबकि मैं यह सब स्वीकारता हूं।
बेरोज़गारी की आंधी में,
मैं इसका सर्वोत्तम उम्मीदवार  हूं।
अत: खुद को इस नौकरी पर रखता हूं।

6 टिप्पणियाँ:

प्रवीण पाण्डेय said...

इतना सर्वगुण सम्पन्न आपको और कहाँ मिलेगा..

पश्यंती शुक्ला. said...

बहुत दिनों बाद आपकी लेखनी ने फुर्सत पाई लगता है..अच्छी कविता..शानदार

दीपिका रानी said...

यह एक सच है.. और ऐसे कवि भी आपको बहुत से मिल जाएंगे.. डिमांग से अधिक सप्लाई है इनकी।

वाणी गीत said...

ऐसे कवि मिलने में देर तो नहीं होनी चाहिए . जब पैसे पर सब संभव है तो !
तीखा करार व्यंग्य !

India Darpan said...

बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....
शुभकामनाएँ

दर्पण साह said...

:-)